देहरादून। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय ने देश भर के इनोवेटर्स की जबरदस्त दिलचस्पी को देखते हुए,अपने प्रमुख राष्ट्रीय इनोवेशन प्लेटफॉर्म श्नवाचार मंत्रश् के लिए रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा 15 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दी है। इससे और भी इच्छुक उद्यमियों को अपने बेहतरीन आइडिया को सफल बिजनेस में बदलने का अवसर मिलेगा। अब तक नवाचार मंत्र के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल के जरिए इच्छुक उद्यमियों और इनोवेटर्स के हजारों रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। उम्मीद है कि रजिस्ट्रेशन की बढ़ी हुई समय-सीमा से और ज्यादा रजिस्ट्रेशन होंगे और पूरे भारत से कई और नए और इनोवेटिव आइडिया सामने आएंगे।
मंत्रालय की देखरेख में शुरू किए गए नवाचार मंत्र को नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (निस्बड) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है, और आईआईटी दिल्ली का श्फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर(एफआईटीटी) इसमें नॉलेज पार्टनर के तौर पर काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य बेहतर संभावनाओं वाले बिजनेस आइडिया की पहचान करना, उन्हें आगे बढ़ाना और उन्हें तेजी से विकसित करना है। इसके लिए व्यवस्थित मेंटरशिप, एक्सपर्ट की सलाह, इंडस्ट्री से जुड़ाव और मार्केट तक पहुँच जैसे साधन उपलब्ध कराए जाते हैं।
इनोवेशन-आधारित एंटरप्रेन्योरशिप के लिए एक व्यापक प्लैटफॉर्म के तौर पर डिजाइन किया गया श्नवाचार मंत्रश् प्रतिभागियों को एक्सपर्ट मेंटरिंग, इनक्यूबेशन सपोर्ट, इंडस्ट्री पार्टनरशिप, इन्वेस्टर्स से जुड़ने का मौका और संस्थागत मदद देता है। इस पहल का उद्देश्य इनोवेटर्स को उनके आइडिया को बेहतर बनाने, उन्हें परखने और उन्हें असल मार्केट क्षमता वाले स्थायी उद्यमों में बदलने में मदद करना है, साथ ही पूरे देश में उद्यमिता के लिए एक अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करना है। इनोवेशन और उद्यम के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से शुरू किया गया श्नवाचार मंत्रश्, सरकार के उस विजन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है जिसका लक्ष्य इनोवेशन-आधारित विकास को बढ़ावा देना, नौकरी सृजन करने वालों को तैयार करना और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है। यह पहल छात्रों, स्टार्टअप्स, प्रोफेशनल्स और जमीनी स्तर के इनोवेटर्स जिनमें टियर-द्वितीय टियर-तृतीय और ग्रामीण भारत के लोग भी शामिल हैं, की भागीदारी को बढ़ावा देकर देश के हर कोने से उद्यमिता की क्षमता को बाहर लाने का प्रयास है। रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा बढ़ाना इस बात को दिखाता है कि मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि योग्य इनोवेटर्स को प्रोग्राम में हिस्सा लेने और इसके व्यापक सपोर्ट इकोसिस्टम का फायदा उठाने के लिए काफी समय मिले। यह मंत्रालय के उन प्रयासों को भी मजबूत करता है जिनका उद्देश्य इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को ज्यादा समावेशी, सुलभ और भारत की विविध प्रतिभाओं का प्रतिनिधित्व करने वाला बनाना है। मंत्रालय ने देश भर के छात्रों, स्टार्टअप्स, प्रोफेशनल्स, जमीनी स्तर के इनोवेटर्स और उद्यमी बनने के इच्छुक लोगों को प्रोत्साहित किया है कि वे इस बढ़े हुए अवसर का पूरा लाभ उठाएं और अपने विचारों को असरदार उद्यमों में बदलने की दिशा में पहला कदम बढ़ाएँ।



