उत्तराखंडदेहरादून

वीर बाल दिवस’ को व्यापक जनसहभागिता के साथ मनाएगी भाजपा

देहरादून। भाजपा 26 दिसम्बर को गुरु साहिबजादों की स्मृतिस्वरूप ’वीर बाल दिवस’ को व्यापक जनसहभागिता के साथ मनाने जा रही है। प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, वीर शहजादों का बलिदान देश को पीढ़ी दर पीढ़ी प्रेरणा देता रहेगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु प्रदेश महामंत्री दीप्ति भारद्वाज के नेतृत्व में प्रदेश एवं जिला टोलियां का गठन किया गया है। प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरू गोविन्द सिंह जी के प्रकाश पर्व पर उनके पुत्रों साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह जी की शहादत को बड़े पैमाने पर नई पीढ़ी के सम्मुख प्रस्तुत करने का आह्वाहन किया था। उनकी प्रेरणास्वरूप, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा एवं प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के निर्देशानुसार पार्टी, दोनों के बलिदान की स्मृति में 26 दिसम्बर को “वीर बाल दिवस“ व्यापक स्वरूप में मना रही हैं। इसी क्रम में आयोजित कार्यक्रम के लिए प्रदेशाध्यक्ष द्वारा प्रदेश टीम का गठन किया गया है जिसे प्रदेश संयोजक की जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत और सह संयोजक गुरविंदर सिंह चंडोक और बलजीत सोनी को दी गई है।
इस संदर्भ में प्रदेशाध्यक्ष श्री भट्ट ने कहा, “वीर बाल दिवस“ पर हम साहिबजादों की असाधारण वीरता और बलिवान को याद करते हैं। छोटी सी आयु में ही वे अपने विश्वास और सिद्धांतों पर अडिग रहे और अपने साहस से पीढ़ियों को प्रेरित किया। उनका बलिदान और वीरता तथा अपने मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। हम माता गुजरी और श्री गुरू गोविन्द सिंह जी की बहादुरी को भी याद करते हैं। वे सदैव हमें अधिक न्यायपूर्ण और करूणामय समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे।
वहीं श्री चौहान ने कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि साहिबजादों के बलिदान की गौरवगाथा एवं जनजागरण हेतु “वीर बाल दिवस“ के अंतर्गत प्रत्येक जिले पर एक विशेष सभा एवं संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें साहिबजादों के अनुकरणीय साहस एवं बलिदान के बारे में विशेषकर युवाओं को जानकारी दी जाएगी। इसी तरह, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में साहिबजादों के बलिदान को लेकर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम यथा विचार गोष्ठी, भाषण प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं एवं अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। वहीं, सामूहिक रूप से स्थानीय गुरुद्वारा में जाकर शब्द कीर्तन का श्रवण करना और प्रत्येक जिले में प्रभात फेरी का आयोजन किया जायेगा। सभी कार्यक्रम स्थल पर इस संबंध में प्रदर्शनी लगाकर, साहित्य वितरण भी किया जायेगा।

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