
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जिला योजना समितियों की बैठकें अप्रैल माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इसके लिए अपने जनपदों के प्रभारी मंत्रियों से बैठक की तिथियां शीघ्र निर्धारित किए जाने की बात कही। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपद स्तरीय वनाग्नि समितियों और ग्रीष्मकालीन पेयजल समितियों की बैठकें भी शीघ्र आयोजित कर अपना प्लान शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कुंभ-2027 के कार्यों की अद्यतन जानकारी भी ली। उन्होंने सभी निर्माण संबंधी ऐसे कार्य जो कुंभ क्षेत्र में शुरू होने हैं, उनका शीघ्र जीओ जारी कर निर्माण कार्य शुरू करवाए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कुंभ-2027 के दौरान कुंभ क्षेत्र में यातायात, पार्किंग और रूट प्लान सहित जंक्शन इम्प्रूवमेंट पर भी विस्तार से चर्चा की एवं मेलाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने सचिव पीडब्ल्यूडी से भी विभिन्न महत्त्वपूर्ण स्थानों पर साइनेज आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने पूंजीगत व्यय के नए कार्यों की स्वीकृतियां 30 मई तक जारी किए जाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि मानसून के कारण कार्य प्रभावित इसके लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां 30 मई तक अनिवार्य रूप से जारी कर दी जाएं। उन्होंने सभी कार्यों की प्राथमिकताएं भी तय किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान प्रदेश में एलपीजी गैस वितरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाए जाने के साथ ही कालाबाजारी रोके जाने के लिए कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने विभागों एवं जनपदों में भी ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागों द्वारा अपने जनपद स्तरीय कार्यालयों में भी 100 प्रतिशत ई-ऑफिस लागू किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को फारेस्ट लैंड ट्रांसफर के मामलों में तेजी लाने के लिए के लिए इस हेतु गठित जनपद स्तरीय समितियों की बैठकें निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से आयोजित कर ली जाएं। एवं इनसे सम्बन्धित प्रस्तावों को शासन एवं वन विभाग को तत्काल भेजे जाएं ताकि आगे की कार्रवाई हो सके। मुख्य सचिव ने जनगणना कार्य की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी निर्धारित कार्यों को ससमय पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए। जनगणना कार्य में तकनीकी सहायक शीघ्र अपॉइंट किया जाए। उन्होंने एचएलबी का डिमार्केशन दिया जाना है, शीघ्र किया जाए। उन्होंने भ्रामक अफवाहों को दूर करने के लिए लगातार जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जायें। इसके लिए सोशल मीडिया आदि का भी प्रयोग करके सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों को अंश निर्धारण, किसान पंजीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अंश निर्धारण का कार्य पूर्ण किए जाने के लिए 30 अप्रैल, 2026 का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण का कार्य सीएससी के माध्यम से भी करवाया जा सकता है। उन्होंने आयुक्त राजस्व को लगातार यह डेटा जिलाधिकारियों को शेयर किए जाने के भी निर्देश दिए ताकि जिलाधिकारी इस कार्य में ऐक्टिव भूमिका निभा सकें। इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल फ़ैनाई, आर मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ पंकज कुमार पांडेय, चंद्रेश कुमार यादव, श्रीधर बाबू अद्धांकी, रविनाथ रमन, डॉ आर राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान, आनंद स्वरूप, डॉ अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



