
देहरादून। प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री मंत्री प्रदीप बत्रा ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि बैठक में आईटीडीए के डाटा एवं साईबर सिक्योरिटी से जुड़े हुए मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई है जिसमें नये डाटा बेस सेंटर को अत्याधुनिक तकनीकों से लेस करने संबंधी निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि किस तरह से आधुनिक परिवेश में एआई का उपयोग किया जाए इस पर भी अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि एआई सिर्फ डाटा कलेक्शन तक ही सीमित न रहे बल्कि उसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में समाधान देने के लिए भी किया जा सके।
मंत्री ने यूकास्ट की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के अल्मोड़ा तथा चम्पावत जिले में बन रही साइंस सिटी तथा देहरादून जिले में बन रहे साइंस एण्ड इनिसिएटिव सेंटर की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि साइंस सिटी के अंतर्गत स्थापित विभिन्न लैबों का प्रदेश के विकास में किस तरह से उपयोग किया जाए इसके लिए भी अधिकारियों से विचार विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि इन लैबों के माध्यम से प्रदेश के बच्चों को मोबाईल ऐप के माध्यम से प्रैक्टिकल तथा अन्य उपयोगी सुविधाएं प्राप्त हो सकें इस हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश के पाईन वुड से बने उत्पादों का स्थानीय स्तर पर जिसमें महिला समूह तथा ग्रामीण लोगों की भागीदारी से ईंधन, कोयले के रूप में कैसे उपयोग किया जा सके जिससे ग्रामीणों को स्वरोजगार प्रदान करने की दिशा में कार्य करने हेतु अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है। मंत्री ने आईटी के क्षेत्र में कार्य करने वाले कार्मिकों की अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण कराये जाने पर जोर दिया। उन्होंने एआई एवं नयी तकनीकों के साथ कार्य कर साईबर सिक्योरिटी को मजबूत बनाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर बैठक में सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव गिरीधारी सिंह रावत, महानिदेशक दुर्गेश पन्त एवं अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



